Saturday, August 1, 2009

सतगुरु की वाणी

एक सतगुरु केवल सही दिशा को दिखा सकते हैँ. शिष्य उस आध्यात्मिक रास्ता को अपनाना चाहिए. सतगुरु आंतरिक शुद्धिकरण या चरित्र निर्माण के बारे में सिखा सकते हैँ, लेकिन उसे अभ्यास करने के लिए ज़ोर नहीँ दे सकते. यह समस्याओँ की जड है. अपने आध्यात्मिक प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए आँतरिक शुद्धीकरण या चरित्र निर्माण का अभ्यास कीजिए.

- सतगुरु ग्राँड मास्टर चोआ कोक सूई

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